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Burari Case: क्या अंधविश्वास ने ली 11 लोगों की जान? जानिए पूरा सच। Burari Deaths Mystery in Hindi

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आपने हज़ारों अपराध की कहानियां पढ़ी और सुनी होंगी, लेकिन जुलाई 2018 में Delhi के Burari इलाके में जो हुआ, उसने देश की रूह कंपा दी। सोचिए, सुबह की चाय हो या अखबार वाला, सबकी ज़ुबान पर बस एक ही नाम था, Burari Case एक छत के नीचे एक ही परिवार के 11 लोग बेरहमी से मारे गए थे , लेकिन कैसे? क्या यह कोई सुनियोजित हत्या थी, या फिर किसी गुप्त अनुष्ठान का भयानक अंजाम? चलिए, उसी रात की गलियों में चलते हैं, जहां एक घर की दीवारों के अंदर कुछ ऐसा हुआ, जिसे देख पुलिस के होश उड़ गए। कहानी एक ‘साधारण’ परिवार की। सेंट नगर, बुराड़ी। Chundawat Family जिन्हें Bhatia Family भी कहा जाता है यहां कई सालों से रहती थी। घर में कुल 11 सदस्य थे- परिवार की मुखिया - Narayan Devi (77) दो बेटे - Bhavnesh (50) और Lalit (45) बहुएं - Savita (48) और Tina (42) बेटी - Pratibha (57) पोतियां - Priyanka (33), Nitu (25), Monu (23) पोते - Dhruv (15) और Shivam (15) यह परिवार ऊपर से एकदम Perfect दिखता था सुबह उठकर Gayatri Mantra का जाप , शाम को साथ में Dinner, बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। कोई दिक्कत नहीं, कोई झगड़ा नहीं। लेक...

Dancing Plague 1518: जब लोग नाचते-नाचते मर गए - इतिहास का सबसे डरावना “सामूहिक पागलपन” Strasbourg Mystery in Hindi

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सोचिए, आप सड़क पर चल रहे हैं तब सब कुछ Normal है और अचानक एक इंसान बिना किसी Music के नाचना शुरू कर देता है। पहले आपको लगता है कि यह मज़ाक है लेकिन फिर वो इंसान रुकता ही नहीं घंटों, दिनों और फिर वो नाचते-नाचते मर जाता है।  सोचिए अगर एक नहीं बल्कि सैकड़ों लोग ऐसा करने लगें तो? यही हुआ था 1518 में जिसे इतिहास में Dancing Plague 1518 कहा जाता है। Dancing Plague 1518 in Hindi एक महिला से शुरू, मौत का पहला कदम। जुलाई 1518, Strasbourg (France का एक शहर) एक महिला Frau Troffea अचानक अपने घर से बाहर निकलती है और बिना किसी कारण के नाचना शुरू कर देती है। ना कोई Music ना कोई Celebration बस एक अजीब सी बेचैनी और दर्द भरा Expression। वो 6 दिन तक लगातार नाचती रही। लोग उसे देखते रहे कोई समझ नहीं पाया कि ये क्या हो रहा है। वो ख़ौफनाक रात जब लोग सो नहीं पाए। उस रात Strasbourg की गलियों में अजीब सा सन्नाटा था लेकिन उस सन्नाटे के बीच चारों ओर सिर्फ एक ही आवाज गूंज रही थी पैरों की लगातार, लोग अपने घरों की खिड़कियों से झाँक रहे थे, कोई डर रहा था, कोई प्रार्थना कर रहा था, लेकिन सबसे खौफनाक बात य...